राजनीति

एसआईआर में मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन एवं एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लिकेट मतदाताओं की सूची सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के साथ की जाएगी साझा

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में 20 जून से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को निर्धारित किया गया है। इसके क्रम में 5 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन के साथ साथ एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लिकेट मतदाताओं की सूची भी प्रकाशित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उक्त दोनों सूचियों को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ सॉफ्ट एवं हार्ड कॉपी में मतदान केंद्रवार साझा किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के वेबसाईट पर भी यह उपलब्ध रहेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी शुक्रवार को निर्वाचन सदन में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे थे।

के. रवि कुमार ने कहा कि राज्य में वर्तमान मतदाता सूची का विगत के मतदाता सूची के साथ मैपिंग की प्रक्रिया चल रही है, इसके क्रम में 23 मई से दो सप्ताह तक सभी अन मैप्ड मतदाताओं की सूची मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की जाएगी। अन मैप्ड मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करते हुए सुविधानुसार मैपिंग करा लें। उन्होंने कहा कि एसआईआर में मैप्ड मतदाताओं को कोई अन्य दस्तावेज समर्पित नहीं करने होंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिक के लिए है, गैर भारतीय नागरिक एसआईआर में भाग ना लें। यदि कोई व्यक्ति इस संबंध में मिथ्या घोषणा करता है तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई के पात्र होंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पीपीटी के माध्यम से एसआईआर के विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए आग्रह किया कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल सभी मतदान केंद्रों पर अपने बीएलए अवश्य नियुक्त कर लें जिससे 15 जून से सभी का एसआईआर हेतु प्रशिक्षण दिया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *