अपराध

धनबाद SSP प्रभात कुमार पर गंभीर आरोप लगा रहे कुख्यात अपराधी प्रिंस खान का वीडियो जारी करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने CM हेमन्त सोरेन से पूछा जिनके खिलाफ गंभीर आरोप, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी जा रही?

उधर विदेश में बैठे कुख्यात अपराधी प्रिंस खान ने धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और इधर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सवाल दाग दिये। प्रिंस खान का कहना है कि धनबाद के प्रभात कुमार ने धनबाद के व्यापारियों से प्रत्येक गाड़ी एक लाख रुपये रंगदारी मांगना शुरु कर दिया है, जिससे धनबाद के व्यापारियों का जीना हराम हो गया है।

प्रिंस खान ने यह भी कहा है कि वो बिना वर्दी के रंगदारी लेता है, जबकि धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार वर्दी की आड़ में रंगदारी ले रहे हैं। प्रिंस कुमार ने यह भी कहा है कि दिल्ली में जो वो रखे हुए हैं, उसका भी पोल वो जनता के सामने खोल देगा। प्रिंस खान का यह वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने फेसबुक पर इस वीडियो को लगाते हुए, राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कुछ सवाल भी पूछे हैं। बाबूलाल मरांडी ने फेसबुक पर लिखा है कि “झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में आज एक बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति सामने आई है, जहाँ कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था स्वयं गंभीर सवालों के घेरे में खड़ी दिखाई दे रही है।

धनबाद क्षेत्र के एक कुख्यात अपराधी द्वारा कथित रूप से विदेश से जारी वीडियो ने प्रशासनिक तंत्र और माफिया गठजोड़ को लेकर कई गंभीर आरोपों को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है। यह मामला केवल एक व्यक्ति के बयान तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े करता है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन जी, क्या राज्य का प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है? वीडियो में धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। आरोपों के अनुसार –

  • गरीब और कमजोर लोगों को निशाना बनाकर उनकी जमीनों पर कब्ज़ा कराने का प्रयास हो रहा है।
  • माइनिंग माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गठजोड़ की आशंका व्यक्त की गई है।
  • वर्दी और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल भय और दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

यदि इन आरोपों में तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गहरा संकट है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हों, उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ क्यों सौंपी जा रही हैं? इससे जनता के बीच यह संदेश जाता है कि सत्ता और प्रभाव के आगे न्याय व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।

एक जिम्मेदार नागरिक और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए हमने संयम बरता है। समाज में भय और अराजकता का माहौल न बने, इसलिए वीडियो का केवल संपादित अंश ही सार्वजनिक कर रहा हूँ। हेमंत सोरेन जी, सोशल मीडिया पर वायरल ये पूरा वीडियो मैं आपको व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध करा दूंगा ताकि आप ये न कह सकें कि आपको जानकारी ही नहीं थी या फिर आपके मातहत काम करने वाले लोगों ने इसके बारे में आपको जानकारी ही नहीं दी।

हमारी स्पष्ट मांग है कि-

  1. संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
  2. पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  3. माइनिंग माफिया, भूमि कब्ज़ा और प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े सभी आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच हो।
  4. दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

झारखंड की जनता यह देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। लोकतंत्र में सत्ता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है। अब निर्णय सरकार के हाथ में है न्याय और पारदर्शिता का रास्ता चुना जाएगा या फिर आरोपों और अविश्वास के इस माहौल को और गहरा होने दिया जाएगा।”

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