महिला पत्रकारों का दबाव रंग लाया, रांची प्रेस क्लब ने गंदी हरकत करनेवाले पिता-पुत्र दोनों पर की कार्रवाई, इधर पिता पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप, क्लब ने फिर थमाई नोटिस
आखिरकार महिला पत्रकारों का दबाव रंग ले ही आया। आज ही महिला पत्रकारों का एक समूह रांची प्रेस क्लब गया था और रांची प्रेस क्लब के अधिकारियों को लिखित अल्टीमेटम दिया था कि वे 24 अप्रैल की रात जिस महिला पत्रकार के साथ गंदी हरकत की गई थी, उस प्रकरण पर जल्द एक्शन लें, नहीं तो वे आंदोलन को बाध्य होंगी। इन महिलाओं ने प्रेस क्लब के अध्यक्ष व सचिव को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि जिन्होंने गंदी हरकत की है, उन पर कड़ी कार्रवाई करें और लीजिये रांची प्रेस क्लब की ओर से कार्रवाई संबंधी सूचना सार्वजनिक कर दी गई।
रांची प्रेस क्लब की ओर से जो सार्वजनिक सूचना दी गई है। वो इस प्रकार है। रांची प्रेस क्लब का कहना है कि रांची प्रेस क्लब में 24 अप्रैल 2026 की रात एक महिला गेस्ट के कमरे पर लगातार एक व्यक्ति द्वारा 15-20 मिनट तक दस्तक देने की घटना के संबंध में लिखित शिकायत मिली थी। जिस पर क्लब प्रबंधन द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए अकोमोडेशन कमेटी से जांच कराई गई।
कमेटी ने 26 अप्रैल 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें शिकायत को सही पाया गया तथा संबंधित व्यक्ति की पहचान मोहित कुमार सिंह के रूप में की गई। इसके उपरांत रांची प्रेस क्लब की मैनेजिंग कमेटी ने मामले में दोनों पक्षों से (भौतिक, दूरभाष एवं ईमेल) के माध्यम से विस्तृत संवाद किया।
तथ्यों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर मैनेजिंग कमेटी द्वारा निम्नलिखित दो निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए: 1.संबंधित व्यक्ति तथा उनके पिता मनोज कुमार सिंह (जो क्लब के सदस्य हैं) द्वारा घटना के संबंध में लिखित माफीनामा प्रस्तुत किया गया है, जिसे अभिलेख में सुरक्षित रखा गया है। 2. संबंधित व्यक्ति को रांची प्रेस क्लब परिसर में प्रवेश से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसी मामले में तीसरा निर्णय मैनेजिंग कमेटी के 15 में से 12 सदस्यों एवं पदाधिकारियों ( दो तिहाई बहुमत) ने लिया है, जिसके अनुसार संबंधित सदस्य मनोज कुमार सिंह (सदस्यता संख्या -0808/2018) को क्लब की सुविधाओं से एक वर्ष तक वंचित रखा जाएगा।
(प्रस्ताव के तीसरे बिंदु पर क्लब के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष ने झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता से प्राप्त विधिक परामर्श (Legal Opinion) के आधार पर अपनी असहमति दर्ज की है। हालांकि, क्लब के बायलॉज के प्रावधानों के अनुसार, प्रबंधन समिति का कोई भी निर्णय दो-तिहाई बहुमत के आधार पर मान्य होता है। चूंकि इस मामले में वर्णित तीनों बिंदुओं पर दो-तिहाई बहुमत प्राप्त है, अतः उक्त निर्णय को नियमानुसार पारित समझा जाए।)
रांची प्रेस क्लब का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा भेजे गए मेल में उन्होंने क्लब द्वारा की गई कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है तथा त्वरित कार्रवाई के लिए आभार प्रकट किया है। उनके अनुरोध पर लिखित माफीनामा की प्रति उपलब्ध करा दी गई है। शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज मेल पर मांगा था। यह फुटेज क्लब में सुरक्षित रखा गया है, जिसे आंतरिक प्रोटोकॉल एवं गोपनीयता के कारण मेल पर साझा नहीं किया जा सकता। हालांकि, आवश्यकता पड़ने पर इसे विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत संबंधित जांच एजेंसी को उपलब्ध कराया जाएगा।
रांची प्रेस क्लब ने यह भी जानकारी दी है कि इसी प्रकरण में 29 अप्रैल को महिला पत्रकारों की ओर से क्लब को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। इस शिकायत पत्र में संबंधित व्यक्ति के पिता, जो क्लब के सदस्य भी हैं, द्वारा सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में महिला पत्रकारों ने उनकी सदस्यता आजीवन रद्द करने की मांग की है। इस आरोप की आज कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने मौखिक रूप से पुष्टि भी की है। क्लब के बायलॉज के आर्टिकल 12 के अनुसार उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
