अपराध

कुख्यात अंतर्राज्यीय सोल्वर-पेपर लीक गैंग के मुख्य सरगना समेत गिरोह के पांच व्यक्ति रांची पुलिस के हत्थे चढ़े, कांड में संलिप्त झारखण्ड उत्पाद परीक्षा के 159 अभ्यर्थियों की भी गिरफ्तारी

रांची पुलिस को दिनांक 11 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि तमाड़ थानान्तर्गत एक अर्द्धनिर्मित भवन में 150 से अधिक जेएसएससी अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा हुआ है। जिनकी गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रही है। प्राप्त सूचना के आलोक में विशेष छापामारी दल का गठन करते हुए दिनांक 11 अप्रैल 2026 की देर रात छापामारी की गई।

छापेमारी में पाया गया कि उक्त अर्द्धनिर्मित भवन के बाहर गाड़ियों का जमावड़ा लगा था तथा उक्त भवन के पास जैसे ही छापामारी दल पहुंचा, तो वहां उपस्थित करीब 150 से अधिक व्यक्ति इधर-उधर भागने लगे तथा अपने सामग्रियों को फेंकने और छिपाने लगे। इनकी संदिग्ध आचरण को देखते हुए छापामारी दल द्वारा सूझ-बूझ के साथ उपस्थित लोगों को उक्त अर्द्धनिर्मित भवन के दो कमरों में सीमित करते हुए तलाशी एवं अभिग्रहण की कार्रवाई की गई।

प्राथमिक जांच एवं पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त स्थल पर 164 व्यक्ति उपस्थित थे। जिनमें अन्तर्राज्यीय सोल्वर/पेपर लीक गैंग के पांच व्यक्ति तथा 159 जेएसएससी झारखण्ड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के अभ्यर्थी, जिनमें सात महिला अभ्यर्थी भी थी, उपस्थित थे। उक्त स्थल पर प्रिन्टर, प्रश्न-उत्तर के तैयार किये गये सेट, फटे हुए एडमिट कार्ड, संदिग्ध मोबाइल फोन एवं बैंक चेक पाये गये। पेपर लीक गैंग के उपस्थित सदस्यों द्वारा इन अभ्यर्थियों को उक्त प्रश्नोत्तर सेट को रटाये जा रहे थे।

जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि उक्त गैंग के अलग-अलग एजेन्टों द्वारा इन अभ्यर्थियों को 10-15 लाख प्रति अभ्यर्थी की दर से परीक्षा पास कराने हेतु प्रश्नों एवं इनके उत्तर उपलब्ध कराने/याद कराने हेतु उक्त स्थल पर लाये गये थे। जांच के क्रम में यह तथ्य भी सामने आया कि उक्त अभ्यर्थियों द्वारा पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन, एडमिट कार्ड इत्यादि गैंग के हवाले कर दिया गया था और कुछ अभ्यर्थियों द्वारा बैंक चेक भी गैंग के सदस्यों के नाम दे दिया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जेएसएससी के साथ आवश्यक कार्रवाई हेतु समन्वय स्थापित किया गया। उक्त संदर्भ में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत तमाड़ थाना कांड संख्या 21/26 दिनांक 12.04.2026 दर्ज कर 164 अभियुक्तों की गिरफ्तारी करते हुए उक्त कांड में संलिप्त अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी हेतु गहन छापेमारी की जा रही है। उक्त घटना स्थल से आठ वाहनों को भी जब्त किया गया है।

बताया यह भी जा रहा है कि सोल्वर/पेपर लीक गैग का सरगना अतुल वत्स, पिता अरुण कुमार उर्फ अरुण केशरी, सा. बंधुगंज, थाना-घोसी, जिला – जहानाबाद का पूर्व में भी अपराधिक इतिहास रहा है। यह राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा 2017, नीट परीक्षा पेपर लिक 2024, कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा बिहार 2024, रिव्यू ऑफिसर/असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर प्रारंभिक परीक्षा उत्तर प्रदेश 2024 (उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा इस मामले में इसे गिरफ्तार भी किया गया था), उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा 2024 में भी संलिप्त रहा है।

अतुल वत्स के साथ-साथ इस कांड में विकास कुमार, उम्र 41 वर्ष, पिता सुरेश प्रसाद, पता  सहदरा, रामधानी रोड, मालसलामी, पटना, आशीष कुमार, उम्र 37 वर्ष, पिता -सुन्दर साव, सा. चैनपुर, थाना मांडू, जिला रामगढ़, योगेश प्रसाद, उम्र 34 वर्ष, पिता – दिलदार नोनिया, सा.+पो. केदला, थाना मांडू, जिला रामगढ़, मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह, पिता -धरीक्षण राय उर्फ डी के राय. सा. सरैया गोपाल, थाना पताही, जिला पूर्वी चम्पारण और रमीज अंसारी, पिता इदरीश अंसारी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *