राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में खूंटी जिले के छोटी टोली का कमाल, आदिवासी समाज को निरोगी व सशक्त बनाने में लगे स्वयंसेवक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर खूंटी जिले के छोटी टोली का एक प्रयास और इस प्रयास के प्रेरणास्रोत बने अविभाजित भारत के और अब वर्तमान पाकिस्तान के दो स्वयंसेवक DAV शिक्षा क्रांति के पुरोधा स्व महात्मा नारायण दास ग्रोवर और उनके भ्राता PGI चंडीगढ़ के प्रख्यात नेत्र सर्जन स्व. डॉ अर्जुन दास ग्रोवर और वर्तमान मे वरिष्ठ स्वयंसेवक ९१ वर्षीय पद्मभूषण कड़िया मुंडा और डॉ राजमोहन।
वर्तमान में वरिष्ठ स्वयंसेवक 91 वर्षीय पद्मभूषण कड़िया मुंडा और डा. राजमोहन के नेतृत्व मे संघ शताब्दी वर्ष में सेवा वर्ष को समर्पित दो आयाम पहला 111 गांव चार खूंटी जिले के व सिमडेगा तथा पश्चिम सिंहभूम और ग्रामीण रांची के गांव जहां एक राजस्व ग्राम में लगभग 15 -20 चयनित मोतियाबिंद पीड़ितों को बेस अस्पताल ला कर सर्जरी और फॉलोअप का कार्यक्रम चल रहा है।
दूसरा 11 ऐसे जनजातीय गांव जहां हनुमान जी विराजे कार्यक्रम में मूर्ति स्थापना और स्वावलंबन के 11 युवा अपने उपक्रम पढ़ाई या रोजगार, साप्ताहिक मुंडारी हनुमान चालीसा की पाठ योजना, गुरुवार को बिरसा भगवान को समर्पित एवं नक्सल प्रभावित गांव गोयलकेरा गुदड़ी सारुड़ा मे बिरसाइत प्राथमिक विद्यालय स्थित परिसर मे बिरसा भगवान मूर्ति के बगल मे राम दरबार और हनुमान जी की मार्बल पुष्कर निर्मित जनजाति रीति नीति से स्थापना का कार्य चल रहा है। साथ ही बिरसाईत समाज के लगभग 115 से ऊपर मोतियाबिंद की सर्जरी सात गांवों में सम्पन्न हुई है।
मुख्य विन्दु हैं – 1. सर्वेक्षण कॉउंसलिंग टीम, 2. रोगियों की लीगल मेडिकल अहर्ताओं मे सरकार के स्वास्थ्य विभाग का सहयोग, 3. रोगियों को औसतन बेस अस्पताल से अधिकतम दुरी 245 km न्यूनतम 50 km अपने हॉस्पिटल व स्कूलों के वाहन से लाना व पहुंचाना, फॉलोअप, हर रोगी के साथ अटेंडेंट भोजन, व्यवस्था फ्री, पोस्ट ऑपरेटिव, दवा, वस्त्र, साड़ी, धोती, कंबल सभी निशुल्क उपलब्ध कराये गये, 4. इसने अब तक इस अभियान मे 17 नेत्र सर्जन ने अपनी सेवाएं मानद और मानदेय परितोषिक पर दो युवा जनजाति सर्जन डॉ दीपक मर्यानुस लकड़ा और मदुराई अरविन्द के सानूवेल अमन तोपनो, शंकर नेत्रालय डॉ समीर, डॉ आबिद के नेतृत्व मे यह कार्य साप्तहिक तीन दिन सर्जरी दिंन मे चल रहा है, 5. रेटिना यूनिट ग्रोवर ऑफ हॉस्पिटल चंडीगढ़, डॉ रोहित ग्रोवर, डॉ अंशु ग्रोवर ने अपनी ऑनलाइन सेवाएं निशुल्क उपलब्ध किये हैं।
अब तक प्रति दिन निशुल्क सर्जरी के औसत 7 से 10 रहे है। 1985-2025 तक 78 युवा सर्जन को स्किल कर पाए हैं। SICS नेत्र शल्य विधा मे जो रांची और अन्य स्थानों मे अपने अस्पताल या कॉर्पोरेट अस्पताल सरकारी सेवा उपक्रम मे चिकित्सा सेवाएं दे रहे है, अन्य नेत्र पैरामेडिकल मे इन विगत वर्षों मे opthalmic, OT, प्राथमिक नेत्र सहायक, या असिस्टेंट ये 300 से अधिक संख्या मे तय हुए हैं।
