रक्तदान जैसी व्यवस्था को प्राइवेट एजेंसी को सौंपने पर भड़के रक्तदान से जुड़े संगठन, रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर मानव शृंखला बनाकर सरकार के खिलाफ जताया आक्रोश
झारखंड सरकार के रक्तदान-महादान की सरकारी व्यवस्था को हाशिये पर रखकर प्राइवेट एजेंसी को देने के जन विरोधी फ़ैसले के ख़िलाफ़ आज “लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन रांची व झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन के नेतृत्व में परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर विभिन्न मांगों से संबंधित नारे लिखी तख्तियों संग सांकेतिक मानव शृंखला बनाई गई। जिसमें बड़ी संख्या में रक्तवीर, रक्तदाता, थैलेसीमिया/सिकल सेल एनीमिया के परिजन/पीड़ित, मानवाधिकार-सामाजिक कार्यकर्ता/सामाजिक चिंतक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
मानव शृंखला में लोग तख्तियों पर “झारखंड सरकार क्या अब ब्लड बेचेंगी–हे भगवान सद्बुद्धि दें”, “रक्तदान सेवा है-व्यापार नही”, “झारखंड में रक्तदान-महादान की सरकारी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करो न कि प्राइवेट एजेंसी को दो”, “रक्तदान-महादान पर कार्यरत सरकारी एजेंसी जैसेक्स (झारखंड राज्य ऐड्स कंट्रोल सोसाइटी) को मजबूत करो”, “झारखंड सरकार 09 दिसंबर 2025 के विधानसभा के चालू सत्र में स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन को लागू करो”, “रक्तदाताओं एवं रक्तदान आयोजकों को प्रोत्साहित करो न कि हतोत्साहित”, “सरकारी रक्तदान-महादान व्यवस्था को निजी हाथों में देना का सोचना बंद करो” आदि लिखे हुए थे।
इनका कहना था कि झारखंड के सरकारी बाबुओं का तुगलकी फ़रमान देखिए – कभी अचानक से सरकारी ब्लड बैंक बंद करो, कभी डोनर कार्ड बंद करो, कभी सरकारी आदेश की फ़ज़ीहत,वकभी वॉल्वो रक्तदान बस नही बनें न ख़रीदी जाए,वकभी ब्लड बेचो,वकभी रक्तदान आयोजकों से बैठक कर चर्चा नहीं, कभी जैसेक्स की समीक्षा नही” के तर्ज पर काम करते हैं।
इनका यह भी कहना था कि “झारखंड थैलेसीमिया/सिकल सेल एनीमिया के पीड़ितों को जल्दी बिन डोनर के ब्लड नही मिल पाता तो निजी हाथों को देने पर क्या स्थिति होगी ! “रक्तदान-महादान पर जनविरोधी फ़ैसला वापस लेना ही होगा।” “झारखंड सरकार ब्लड बैग पर 18 प्रतिशत जीएसटी मुक्त करें।” “झारखंड के सामुदायिक एवं रेड क्रॉस सोसाईटी जैसी संस्थाओं द्वारा संचालित ब्लड बैंक द्वारा ब्लड प्रोसेसिंग चार्ज में सब्सिडी दिया जाए।” “रक्तदान-महादान पर निक्कमे-गैरजिम्मेदार जैसेक्स को जिम्मेदार और चुस्त-दुरुस्त कर सज़ग किया जाये।”
मानव शृंखला कार्यक्रम में नदीम खान, तारामणि साहू, अभिजीत दत्ता, संजय टोप्पो, रंजीत साहू, पंडित अजित मिश्रा, अभिजीत भट्टाचार्य, पॉवेल कुमार, सुरंजन बाडा, देवकी देवी, सुजाता कुमारी, सबिता कुमारी, अफ़ज़ल अनीश, ज़ियाउल इस्लाम, राजेंद्र मुंडा, सीमा देवी, सोनम कुमारी, प्रगति प्रकाश, बरखा लिली बाडा, बब्बर, असफ़र खान, मोजाहिद, शम्स तबरेज़, संगीता कुमारी, बिमला कच्छप, आयुष मिश्रा, साज़िद उमर, मो जावेद आदि शामिल थे।
