प्रधानमंत्री भोकाली छोड़ इस भीषण संकट पर एक श्वेत पत्र जारी कर बताएं कि यदि युद्ध 30 दिन चला तो देश कहां खड़ा रहेगाः सुप्रियो
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विगत 24 दिनों से जो वैश्विक संकट है, उस पर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नींद टूटा है और उन्होंने 25 मिनट तक लोकसभा में अपना संबोधन दिया। सुप्रियो ने कहा कि उन्हें लगता है कि देश जिस प्रकार से उद्विग्न है या परेशान है। देश चाहता था कि प्रधानमंत्री जब देश के सामने आयेंगे और देश को संबोधित करेंगे तो वो भारत का इस वैश्विक संकट में स्थान क्या है?
हमारे लिये जो जीवनोपयोगी चीजें, चाहे वो ऊर्जा हो या पेट्रोलियम है या खाद है या जो मानवीय संपदा है, उनका अपना या भारत सरकार का दृष्टि क्या है, उस पर बोलेंगे और कुछ राहत की बात करेंगे। लेकिन जिस प्रकार का आज का उनका बॉडी लेंग्वेंज था, वो बता रहा था कि वे कितने दबाव में थे। 24 दिन लगा, प्रधानमंत्री को इस युद्ध को कंडेम करने में। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने जो मध्यपूर्व के देश है, उनके राष्ट्राध्यक्षों से दो बार बातें की। संबंधित सभी देशों से बातें की है। पर देश जानना चाहता था कि उन्होंने बात क्या की?
सुप्रियो ने कहा कि प्रधानमंत्री के बातों का नतीजा क्या निकला? प्रधानमंत्री जो अरब देशों से बात कर रहे हैं, वहां से हमारे लोगों को ले आने के लिए क्या काम कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि ईरान से उन्होंने एक हजार लोगों को लाये। जिसमें 700 मेडिकल के छात्र है। ये तो 28 तारीख के पूर्व, जब ईरान पर हमला हुआ। उसके पहले ही ईरान सरकार ने अपने सभी एजूकेशनल इंस्टीट्यूट को बंद कर दिया था और जितने भी विदेशी छात्र थे, उन्हें कहा था कि अगले आदेश तक के लिए अपने-अपने देश चले जाये। इसमें हमारी क्या भूमिका थी।
सुप्रियो ने कहा कि क्या वर्तमान में तेहरान, रियाद, मस्कट की सीधी उड़ाने हैं? कही से हमारी सीधी उड़ाने नहीं हैं। वहां जो हमारे लोग फंसे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए चिन्तित हैं और जो हमारे कॉमर्शियल जहाज है, जो होर्मुज संकट के कारण फंसे हैं। जिसमें कई क्रूज हैं, कई सारे भारतीय हैं। उन्हें लेकर भी वे परेशान है। सुप्रियो ने कहा कि चिन्ता व्यक्त करने से उपाय नहीं निकलता। पहल क्या हो रहा है? ईरान के साथ-साथ इजराइल और अमेरिका का कंडेम क्यों नहीं हो रहा?
सुप्रियो ने कहा कि आज प्रधानमंत्री ने कहा कि एथेनॉल हमारे लिए बड़ा साधन बनने जा रहा है। पहले तो प्रधानमंत्री ने ही इस पर बैन लगा दिया था। जब गडकरी जी ने इसको लेकर पहल की थी। इन्होंने तो रोक लगा दी थी। अब आप बायो गैस की बातें कर रहे हैं। अब फर्टिलाइजर हमारे लिये पर्याप्त है, पर कितना है, बता नहीं रहे। आज क्यों होटल, रेस्तरां बंद हो जा रहे हैं? वहां सेलेक्ट मेन्यू हो रहा है। जो बाहर से लोग पढ़ने आये हैं, उनके मेस बंद हो रहे हैं। वो पढ़ाई छोड़कर जा रहे हैं। जबकि अभी परीक्षा का समय है। जब आप इस परिस्थिति के लिए तैयार नहीं थे। तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है? देश तो आप पर भरोसा किये हुए था।
सुप्रियो ने कहा कि प्रधानमंत्री 160 देशों की यात्रा करते हैं। विश्व गुरु बनते है। केवल भोकाल करने से काम नहीं चलता। प्रधानमंत्री जी, यह देश मजबूती के साथ सरकार के साथ खड़ी है। लेकिन एक शर्त है, कि आप जनता को विश्वास में ले। पारदर्शी तरीके से बताएं कि जो आज चुनौतियां आई है, उन चुनौतियों के लिए हमें तैयार रहना है। ये चुनाव के देखकर नहीं बोले। हकीकत रखे। यदि यह लड़ाई एक महीने तक चली। तो यह देश कहां खड़ा रहेगा। इस पर देश श्वेत पत्र जारी करें।
