राजनीति

सदन में अरूप चटर्जी ने संवेदक श्रीराम ईपीसी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, कहा धनबाद में नहीं हो रहा पेयजलापूर्ति का काम, मंत्री नहीं कर सके प्रश्नकर्ता को संतुष्ट

भाकपा माले विधायक दल के नेता अरूप चटर्जी ने आज सदन में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का मामला उठाया। अरूप चटर्जी ने सदन में कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, डीएमएफटी, एवं जल जीवन मिशन अंतर्गत संवेदक श्रीराम ईपीसी द्वारा धनबाद जिले में पेयजल आपूर्ति की राज्य में लगभग 50 योजनाएं, जिसकी लागत लगभग 2000 से ज्यादा करोड़ का टेंडर दिया गया। वहीं धनबाद में सात कार्य दिये गये, जिसकी लागत लगभग 500 करोड़ है, जबकि अब तक लगभग सभी कार्य धरातल पर संवेदक द्वारा अधूरा छोड़ दिया गया है।

उन्होंने कहा कि संवेदक द्वारा धनबाद जिला अंतर्गत गोविन्दपुर मल्टी वाटर सप्लाय योजना उत्तर-दक्षिण का कार्य, जिसे मार्च 2026 तक पूर्ण करना था। उसका भी कार्य मात्र 25 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। उक्त संवेदक को विभिन्न कार्यों में करोड़ों की राशि का भुगतान किये जाने के बावजूद आगामी भीषण गर्मी में भी लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। आखिर ऐसे संवेदकों के खिलाफ सरकार कार्रवाई क्यों नहीं करती? उन्होंने यह भी कहा कि दो साल की योजना में 11 साल लगा दिये, कोई योजना पूरी नहीं की, इससे तो सरकारी की ही किरकिरी होगी, ऐसे लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

मंत्री का कहना था कि धनबाद में कुल पांच काम हो रहे हैं। दस योजना पूरे झारखण्ड में चलाई जा रही है। जिसकी कुल राशि 650 करोड़ है। ये सारी योजनाएं 2027 तक पूरी होगी। अगर काम नहीं हुआ, फलाफल नहीं निकला तो निःसंदेह कार्रवाई होगी। हालांकि मंत्री ने कई बार अरूप चटर्जी को संतुष्ट करने की कोशिश की। लेकिन अरूप चटर्जी की बातों से लगा कि वे संतुष्ट नहीं हैं।

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