राजनीति

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिनः सोना को जितना गलाओगे वह उतना ही चमकेगा : हेमलाल मुर्मू

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिन साढ़े पांच मिनट विलम्ब से शुरू हुआ। शुक्रवार को सत्ता पक्ष के विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्य सरकार के बजट का जोरदार समर्थन किया। विपक्ष के कटौती प्रस्ताव का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला है। मुर्मू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए 1,58,560 करोड़ रुपये के बजट को प्रगतिशील बताते हुए कहा कि यह बजट गरीब, आदिवासी और ग्रामीण समुदायों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सोना को जितना गलाओगे, वह उतना ही चमकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सीबीआई, ईडी और एनआईए जैसी एजेंसियों के माध्यम से युवा मुख्यमंत्री को परेशान किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिली। उन्होंने विपक्ष से नकारात्मक राजनीति छोड़कर विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की।

श्री मुर्मू ने पेसा नियमावली को ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि इससे आदिवासियों के प्राकृतिक और सामुदायिक संसाधनों पर ग्राम सभा का अधिकार मजबूत होगा। उन्होंने हर गांव में अलग ग्रामसभा भवन निर्माण की मांग की, ताकि ग्रामसभा स्वतंत्र रूप से कार्य कर सके। साथ ही ग्रामसभा के लिए महिला सहायक सचिव की नियुक्ति और मानदेय देने की भी वकालत की।

अबुआ आवास योजना और सड़क निर्माण पर जोर

उन्होंने कहा कि जब केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना बंद हो गई, तब राज्य सरकार ने 4,100 करोड़ रुपये के बजट से अबुआ आवास योजना शुरू की, जो गरीबों के लिए बड़ा कदम है। ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 581.74 करोड़ रुपये के प्रावधान को भी उन्होंने विकास के लिए जरूरी बताया।

टेंडर प्रक्रिया पर जताई चिंता

टेंडर प्रक्रिया में अत्यधिक कम दर पर निविदा लेने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए मुर्मू ने कहा कि 25 से 49 प्रतिशत तक कम दर पर टेंडर लेने से काम की गुणवत्ता प्रभावित होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि 10 प्रतिशत से अधिक बिलो टेंडर को रद्द किया जाए और योग्य इंजीनियरों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *