राजनीति

विधायक मथुरा महतो ने सदन में कहा कृषि और पशुपालन राज्य की आत्मनिर्भरता के आधार

झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दौरान विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कृषि और पशुपालन को राज्य की आत्मनिर्भरता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य किसानों की बदौलत बना है और आज भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान ही हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा के साथ-साथ कृषि और वन संपदा में भी समृद्ध है। इस वर्ष अच्छी बारिश के कारण फसल उत्पादन बेहतर हुआ है। राज्य में अब ड्रैगन फ्रूट की खेती रांची और खूंटी में की जा रही है। फूलों की खेती को भी बढ़ावा मिला है, जो पहले दूसरे राज्यों से मंगाए जाते थे।

उन्होंने कहा कि मछली पालन के क्षेत्र में झारखंड आत्मनिर्भर हो चुका है। चांडिल, तेनुघाट, मैथन और रुक्का डैम इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार मत्स्य पालन के लिए तीन प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा रही है। मथुरा प्रसाद महतो ने बताया कि सरकार ने महिला किसान योजना शुरू की है। इसके तहत महिलाओं को इंटीग्रेटेड फार्मिंग की सुविधा और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाओं को दो दुधारू गाय 90 प्रतिशत अनुदान पर दी जा रही हैं। विधवा सम्मान योजना के तहत बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें 8 बकरी और 2 बकरा देने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लिए बजट का भी उल्लेख किया। मिर्था जल योजना के लिए 475.50 करोड़ रुपये, बागवानी के लिए 124.93 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री पशुधन योजना के लिए 170 करोड़ रुपये, डेयरी क्षेत्र के लिए 425 करोड़ रुपये और सहकारिता क्षेत्र के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अनुसंधान और तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए 160 करोड़ रुपये और किसान समृद्धि योजना के तहत कृषि यंत्रों के लिए 80 करोड़ रुपये रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 31 लाख किसानों को कवर किया गया है और इसका प्रीमियम राज्य सरकार वहन कर रही है।

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