नगर निकाय चुनाव में भाजपा फ्रस्ट्रेशन की शिकार, बाबूलाल खुद को दूल्हा बता 200 लोगों को प्रचार के अंतिम दिन खस्सी भात खिला दिये और उधर रघुवर 28 दिनों वाली फरवरी महीने में 30 को जश्न मनायेंगेः झामुमो
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज प्रेस कांफ्रेस में कहा कि कल यानी सोमवार को नौ नगर निगम समेत राज्य के 48 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान होना है। ये चुनाव दलगत चुनाव चिह्न पर नहीं था। फिर भी सभी राजनीतिक दलों के लोग भाजपा, कांग्रेस, झामुमो, वामदल, राजद और भी कई जो क्षेत्रीय दल हैं, सभी ने अनौपचारिक रूप से भाग लिया।
लेकिन इन सब में ज्यादा उद्वेलित लोग थे, तो वे भाजपा के लोग थे। उनका जो मिथक था कि शहरी वोटों का प्रतिनिधित्व वे करते हैं। इस बार वो दरकने लगा है। शहर के प्रबुद्ध मतदाता भाजपा के लोग है, अब उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया है। ये फैसला जब मतदान का परिणाम आयेगा, तब पता चलेगा।
सुप्रियो ने कहा कि गिरिडीह में जो भाजपा ने हरकत की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से उसकी अपेक्षा नहीं थी, और न करनी चाहिए। चुनाव प्रचार सायं पांच बजे जैसे ही समाप्त हुआ। वे गिरिडीह नगर निगम के मतदाता नहीं होने के बावजूद भी वे गिरिडीह में देखे गये। कहने को वे ये भी कह रहे थे कि चूंकि गिरिडीह शहर में भी उनका मकान है, इसलिए वे यहां हैं।
बाबूलाल मरांडी गिरिडीह में रात को आठ बजे, अपने 200 भाजपा समर्थकों के साथ उनके ही पार्टी के समर्थक संचालक मां काली भोजनालय में जाकर भोजन करने लगे। भोजन के पहले भी वहां बहुत कुछ हुआ। खूलेआम मोटी रकम बांटी गई और खस्सी-भात का आयोजन भी हुआ।
सुप्रियो ने कहा कि अब आप बताइये रात को आठ बजे जहां धारा 144 लागू हो। चुनाव प्रचार थम गया हो। उनसे जब पूछा गया कि आप ये हरकत क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि मेरे साथ तो ऐसा हमेशा बाराती चलता है। वे खुद को दुल्हा बता रहे थे। बाबूलाल कह रहे थे कि हम कही पर जाते हैं, तो डेढ़-दो सौ आदमी तो ऐसे ही खाना खा लेता है। अब ऐसा कौन होटल है, जहां पहले से सूचना देने के बगैर ऐसा प्रबंध हो जाये। पांच सितारा होटल से लेकर झोपड़ी होटल तक में भी, जब तक उसे पहले से नहीं बताया जाय, वो डेढ़-दो सौ आदमी की अचानक भोजन की व्यवस्था नहीं कर सकता।
इसका मतलब ये पूर्व नियोजित था। खूलेआम इस चुनाव को प्रभावित करना था। सुप्रियो ने कहा कि कल और एक घटना घटित हुई। प्रचार के अंतिम दिन मेदिनीनगर में भाजपा समर्थित जो मेयर प्रत्याशी है। जिनके प्रचार में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी गये थे। कह दिया कि 23 को मतदान होगा, 27 को परिणाम आयेगा और 30 फरवरी को हम जश्न मनाने आयेंगे। उसी उत्साह में एक जगह उन्होंने अपने प्रत्याशी का नाम ही बदल दिया था। अरुणा शंकर की जगह करुणा शुक्ला कह दिया। प्रत्याशी गुस्सा गई, कि शुक्ला तो ब्राह्मण होता है, मैं बनिया की बेटी हूं। तब उन्होंने बजाप्ते एड दे दिया कि मैं ब्राह्मण की बेटी नहीं, बनिया की बेटी हूं।
सुप्रियो ने कहा कि अब समझिये इन भाजपाइयों का स्तर क्या है? भाजपाई लोग कहते हैं, जो हमें वोट नहीं करेगा, उसे पाकिस्तान भेजेंगे। आसाम का मुख्यमंत्री मुसलमान का चित्र बनाते हुए उसमें गोली चलाते हुए ट्विट करता है। खूलेआम मुल्ला मौलवी कहकर बातें करता है। ये तो धर्म तक था। अब जात पर भी आ गया। ये फ्रस्टेशन भाजपा का है। तो ऐसे में स्पष्ट होता है कि कल का मतदान, भाजपा के रिजेक्शन का कंस्टिच्यूशनल प्रोसेस के तर्ज पर दर्ज होगा।
उन्होंने कहा कि इस बार बैलेट का इस्तेमाल होगा। रांची सहित पूरे राज्य के शहरी मतदाताओं से अपील करना चाहता हूं कि पिछले बार मतदान लगभग 49 प्रतिशत के लगभग रहा। इस बार मौका आया है, आपका लक्ष्य होना चाहिए, ज्यादा से ज्यादा यदि 100 प्रतिशत हो जाये तो अच्छा, और भाजपा का इनकार करने का जो मौका आया है, उस मौके का सदुपयोग करें।
