झारखण्ड प्रदेश यूथ कांग्रेस के नेता वसीम अंसारी पर यौन शोषण का आरोप, गया जेल, भाजपा प्रवक्ता अजय शाह ने इस प्रकरण पर कांग्रेस के पूर्व सांसद की भूमिका पर उठाए सवाल
रांची के डोरंडा थाना में 12 फरवरी को एक मां प्राथमिकी दर्ज कराती है। प्राथमिकी में एक मां डोरंडा थाना प्रभारी को सूचित करते हुए लिखती है कि वो झारखण्ड सचिवालय में एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी है। जिसकी नाबालिग बेटी के साथ वसीम अंसारी उर्फ सुहान मलिक उर्फ नेहाल, पता – बड़ा तालाब, हिन्दपीढ़ी, रांची जो दो बच्चों का पिता है, उसने उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर अपने साथ कही ले गया। अब वो उसकी बेटी पर दबाव बनाकर उनसे पैसे की मांग कर रहा है।
इनकार करने पर वह धमकी दे रहा है कि वो उसकी बेटी की अश्लील वीडियो वायरल कर देगा तथा उसे (शिकायतकर्ता को) जान भी मार देगा। वो उसके इस धमकी से डर गई है। उसे डर है कि वसीम अंसारी उसकी नाबालिग बेटी को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसके साथ कोई गंभीर हरकत न कर दें। मां, अपनी बेटी को सुरक्षित वापस लाने, साथ ही वसीम अंसारी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है।
यह प्राथमिकी डोरंडा थाना में 12 फरवरी को ही केस संख्या 45/26, धारा 87/137(2)/35(3) बीएनएस के तहत दर्ज कर ली गई और सब इंस्पेक्टर रीना दास को इस केस की जांच करने की जिम्मेवारी दे दी गई। बताया जाता है कि जैसे ही इस बात की भनक कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं को मिली। इस पूरे मामले को रफा-दफा करवाने में जुट गये। प्राथमिकी कर्ता पर दबाव बनाया जाने लगा कि वो अपनी प्राथमिकी वापस ले लें।
सूत्र यह भी बता रहे है कि जैसे ही इस मामले की जानकारी भाजपा नेता व प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह को मिली। उन्होंने सोशल साइट पर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। उन्होंने 14 फरवरी को फेसबुक पर लिखा “डोरंडा थाने, रांची में युवा कांग्रेस के एक मुस्लिम नेता द्वारा एक हिन्दू नाबालिग युवती के कथित यौन शोषण का मामला संज्ञान में आया है। कांग्रेस के एक पूर्व सांसद मामले को रफा-दफा करने का कर रहे हैं पूर्ण प्रयास। पीड़िता पर बनाया जा रहा है दबाव।”

तब जाकर रांची पुलिस हरकत में आई। उसे लगा कि मामला गंभीर बन सकता है। आनन-फानन में 14 फरवरी की रात युवा कांग्रेस के इस नेता वसीम अंसारी की गिरफ्तारी हो गई और 15 फरवरी को हिन्दुस्तान नामक अखबार में एक सिंगल कॉलम खबर आई। हेडिंग था – नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी को भेजा जेल। जिसमें लिखा था कि आरोपी वसीम अंसारी एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है। इस अखबार ने यह नहीं लिखा कि आरोपी कांग्रेस पार्टी से जुड़ा है। शायद अखबार को कांग्रेस पार्टी से संबंध खराब होने का खतरा था। हिन्दुस्तान ने तो सिंगल कॉलम में खबर भी छापी।
अन्य ने तो इस खबर से तौबा ही कर ली। अब सवाल उठता है कि क्या एक नाबालिग के साथ जब शोषण का मामला आता हैं तो क्या सिर्फ यही सब धारा लगती है, जो धाराएं लगाई गई है? रांची पुलिस तो एक मामूली गांजा वाले को पकड़ती हैं तो प्रेस कांफ्रेस करती है। प्रेस रिलीज जारी करती है। इस गंभीर मामले में प्रेस कांफ्रेस क्यों नहीं की, प्रेस रिलीज जारी क्यों नहीं की?
सवाल तो कांग्रेसियों से भी है कि एक लड़की के साथ उन्हीं के पार्टी का एक शख्स यौन शोषण करता है, ये उसका विरोध क्यों नहीं करते। उसे सलाखों में डालने का दबाव पुलिस पर क्यों नहीं बनाया, उसे बचाने में क्यों लग गये? भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने तो कांग्रेस के पूर्व सांसद का भी नाम लिया, जो इस मामले को रफा-दफा करने में लगे थे। ऐसे पूर्व सांसद को लोग अपना नेता या जनप्रतिनिधि कैसे चुन लेते हैं और मीडिया के लोग ऐसे लोगों को अपने कार्यक्रमों में बुलाकर उनका सम्मान किस मुंह से करते हैं और उनके हाथों से मेडल कैसे अपने गले में पहन लेते हैं? भूलिये मत जिस वसीम अंसारी को नाबालिग के यौन शोषण में पुलिस ने जेल भेजा है। वो झारखण्ड प्रदेश यूथ कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा है और वो रांची विधानसभा यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह तो सोशल साइट पर साफ लिखते है कि दो बच्चों का पिता, युवा कांग्रेस के नेता वसीम अंसारी, उर्फ सुहान मलिक, उर्फ निहाल ने 15 साल की हिन्दू लड़की का ना तो सिर्फ यौन शोषण किया बल्कि उसके वीडियो को लीक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी करता रहा। पीड़िता की मां को भी जान से मारने की धमकी दी। इसको तो सजा मिले ही, पर साथ में कांग्रेस के उस रांची के पूर्व सांसद को भी सजा मिले।

जिन्होंने न सिर्फ ऐसे अपराधियों को राजनीति में पाला-पोसा और राजनीतिक संरक्षण दिया, बल्कि ऐसे घृणित कृत्य में पकड़े जाने पर भी बचाव किया और आखिरी आखिरी तक पीड़िता पर केस वापस लेने का दबाव बनाया। नाबालिग पीड़िता के पिता नहीं है और माता झारखण्ड सरकार में नौकरी करती है। चूंकि कांग्रेस सत्ता में है तो संभवतः पीड़िता पर केस ट्रायल के दौरान और दबाव बनाया जायेगा। भाजपा पूर्ण रुपेण पीड़िता के साथ खड़ी है।

आपसे जिस बेबाक़ी एवं निर्भीकता की उम्मीद रहती है, बिल्कुल वही किया है। इस आर्टिकल के साथ न्याय करने हेतु आपको साधुवाद।