अपनी बात

राज्यपाल संतोष गंगवार ने लोकभवन में दीपेश कुमार निराला की लिखित पुस्तक स्ट्रीट वेंडर्स लाइवलीहुड का किया लोकार्पण

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने लोकभवन में लेखक दीपेश कुमार निराला की पुस्तक स्ट्रीट वेंडर्स लाइवलीहुड का लोकार्पण किया, जिसे झारखंड के क्राउन पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है। इस पुस्तक में झारखंड पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण एवं विनियमन) नियमावली, 2015 एवं झारखंड पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण एवं विनियमन) योजना (स्कीम), 2017 तथा झारखंड नगरपालिका यातायात प्रबंधन विनिमावली, 2017 और नागरिक सुविधाओं के बारे में बताया गया है।

लेखक दीपेश कुमार निराला का कहना है कि यह पुस्तक खासकर फुटपाथ दुकानदारों (स्ट्रीट वेंडर्स), नगरपालिका नगर निगम से जुड़े लोगों तथा यातायात प्रबंधन से जुड़े लोगों और विधि के क्षेत्र से जुड़े अधिवक्ता, न्यायाधीश और विधि विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए काफी लाभकारी होगी।

इस पुस्तक में मुख्य रूप से केंद्र सरकार द्वारा रेहड़ी लगाने वाले लोगों के लिए तथा उनसे जुड़े शिकायत निवारण एवं विवाद समाधान हेतु किए गए उपबंधों, तथा उनकी आजीविका के संरक्षण और टाउन वेंडिंग समिति से संबंधित नियमों की जानकारी, पथ विक्रेताओं का सर्वेक्षण, निबंधन/पंजीकरण, इनका विक्रेता पहचान पत्र के नियम-कानून की जानकारी के साथ-साथ विक्रय स्थलों का चिन्हितिकरण, वर्गीकरण उनको सूचीबद्ध करने, विक्रय शुल्क निर्धारण से संबंधित नियमों का उल्लेख है।

साथ ही साथ झारखंड नगरपालिका यातायात प्रबंधन विनियमावली के तहत पार्किंग व्यवस्था, शहरी परिवहन निधि, पार्किंग दर, इनकी प्रक्रियाओं तथा दंड एवं शास्ति और अपील के प्रावधानों की जानकारी है, साथ ही साथ नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न अधिसूचनाएं एवं सर्कुलर की जानकारी को यहां समाहित किया गया है, जो कि खासकर नगरपालिका शहरी क्षेत्र में लागू होती है।

पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर लेखक दीपेश कुमार निराला, उमाशंकर सिंह और क्रॉउन पब्लिकेशन की ओर से प्रकाशक अमित आर्या मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिन्होंने कहा कि यह पुस्तक झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के बाद झारखंड में बनी विभिन्न नियमावलियों की सुव्यवस्थित जानकारी एक जगह उपलब्ध कराती है, और यह पुस्तक उनके अपर बाजार पुस्तक पथ और ईस्ट जेल रोड स्थित क्रॉउन पब्लिकेशन के दुकानों में उपलब्ध है, साथ ही इसे ऑनलाइन अमेजन से भी ऑर्डर कर प्राप्त किया जा सकता हैं। आम नागरिकों और पथ विक्रेताओं को ध्यान में रखकर इस पुस्तक की कीमत 220/ रुपये रखी गई है।

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