राजनीति

कम अक़्ल को सलाह देने के बदले दो पैसा दे देना बेहतर, सच्चाई यही कि  जिस सरकार में बन्ना मंत्री थे, उस सरकार ने ही कचरा गिराने पर रोक लगाईः सरयू

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि पुरानी कहावत है कि कम अक़्ल को सलाह देने के बदले दो पैसा दे देना बेहतर होता है, पर दो पैसा बचाने के चक्कर में भाई लोग ग़लत सलाह ठोक देते हैं। ऐसे ही किसी अधकचरे उर्वर मस्तिष्क ने मेयर पति बनने के ख़्वाब में डूबे पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को सलाह दे दिया कि सोनारी में नदी किनारे मरीन ड्राइव से सटे भूखंड पर मानगो का जो कूड़ा-कचरा डंप किया जा रहा था, उसे सरयू राय ने रोकवा दिया।

इस कारण से मानगो में गंदगी का अम्बार लग जाता है यानी मानगो की गलियों-सड़कों पर जो कूड़ा-कचरा की गंदगी पसरी रहती है, उसके लिए बन्ना गुप्ता के नज़दीकी सफ़ाई ठेकेदार दोषी नहीं हैं बल्कि विधायक सरयू दोषी हैं। यहां जारी एक बयान में सरयू राय ने कहा कि कभी भाजपा में घुसने का जुगाड़ लगा रहे बन्ना गुप्ता ने आव देखा न ताव, मेयर पति बनने के ख़्वाब में बौरा गए और बीते मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में गूंगी गुड़िया के आंचल से शक्ति संचित कर उपर्युक्त सलाह को गला फाड़कर पत्रकार मित्रों के सामने परोस दिया।

बयान में सरयू राय ने कहा कि इस मामले में सच्चाई यह है कि मानगो नगर निगम और जेएनएसी का कूड़ा कचरा मरीन ड्राइव किनारे टाटा स्टील के ख़ाली पड़े भूखंड पर बहुत दिनों से फेंका जा रहा था। वहां कूड़ा का पहाड़ खड़ा हो गया। उसमें आग लग गई। वहां से निकलने वाले धुआँ के क़ारण सोनारी के बड़े इलाके में प्रदूषण फैल गया। वहां के निवासियों ने जमशेदपुर से रांची तक तमाम प्रशासनिक अधिकारियों का दरवाज़ा खटखटाया पर समाधान नहीं हुआ।

तब उस क्षेत्र के एक प्रबुद्ध वरिष्ठ नागरिक केएस उपाध्याय ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में मुकदमा दायर कर दिया (मुकदमा संख्या- 5/2023/ईजेड)। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय उपाध्याय ने एनजीटी के सामने सोनारी के नागरिकों का पक्ष रखा। बहस शुरू हुई तो सरकारी नुमाइंदों की घिग्घी बंध गई। वे जवाब नहीं दे पाए। एनजीटी ने उन्हें फटकार लगाया और आदेश दिया कि उक्त स्थान पर कूड़ा कचरा गिराना बंद कीजिए, कूड़ा के पहाड़ में लगी आग बुझाइए और कूड़ा को वहां से हटाइए।

सरयू राय ने कहाः तब बन्ना गुप्ता जिस सरकार में मंत्री थे, उस सरकार ने वहां मानगो का कचरा गिराने पर रोक लगा दी, आग बुझायी और वहां कचरा हटाने के लिए कई करोड़ रूपए का टेंडर निकाला। यदि इसी कारण मानगो की सड़कों पर, गलियों-मोहल्लों में कचरा की गंदगी है तो इसके लिए कौन दोषी है? बन्ना बताएं या ग़लतबयानी करने के अल्पज्ञान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगें।

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