राजनीति

अगर असम की सरकार ने यहां के आदिवासियों को उनके अधिकार से वंचित किया तो यहां के आदिवासी समाज को मदद करने के लिए झारखण्ड से पूरा समाज असम पहुंच जायेगाः हेमन्त सोरेन

आज झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन असम के तिनसुकिया में थे। जहां उन्होंने ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ असम द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को झारखण्डी जोहार से अभिवादन किया और कहा कि वे असम के फायर ब्रांड नेता स्व प्रदीप नाग जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि वे असम से जुड़ी खबरें बराबर देखा करते हैं और असम समेत देश के दिलों की धड़कन जुबिन गर्ग जी भी एक बहुत बड़ा शून्य पैदा कर चले गए थे, उन्हें भी वे श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि असम में सदियों से रह रहे झारखण्ड के मूलवासियों, आप सभी के ऊपर हो रहे अत्याचारों, आप सभी की परेशानियों को सुनने वे यहां आए हैं। झारखण्ड एक ऐसा प्रदेश है, जब लोग आजादी का सपना नहीं देखते थे, उससे पहले से हमारे पूर्वज शोषकों के विरुद्ध संघर्ष करते थे। बाबा तिलका मांझी, बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हु, फूलो-झानो ने हमारी पीढ़ियों को बचाने के लिए, जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया था।

उन्होंने कहा कि कारण क्या था कि सबसे पहले आदिवासी समाज ने ही अंग्रेजों से लोहा लिया था? क्योंकि आदिवासी समाज ने हमेशा अपने हक अधिकार के लिए संघर्ष किया। क्या कारण रहा कि देश का मूलवासी अलग-अलग जगह बिखर कर रहने को मजबूर हो गया? देश आज़ाद हुए कई साल हो गए, हमें संविधान में रक्षा कवच मिला, लेकिन हम कहां हैं?

उन्होंने कहा कि आज हम आगे बढ़ रहें हैं। आदिवासी समाज शोषित और वंचित समाज आगे बढ़ रहा है। आदरणीय दिशोम गुरुजी आज हमारे बीच नहीं हैं पर जब उन्होंने अलग राज्य की कल्पना की थी तो कुछ लोग मजाक उड़ाते थे। आज सच्चाई पूरे देश के सामने हैं, वर्ष 2000 में हमें अपना झारखण्ड राज्य मिला। लेकिन दुर्भाग्य था कि ज्यादातर साल झारखण्ड के विरोधियों ने झारखण्ड पर राज किया, अगर हमने फिर से कमान नहीं संभाली होती, तो शायद यह बच नहीं पाता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर पुरुखों का जो खून बहा था, हमारी माताओं-बहनों का जो सिंदूर उजड़ा था, उसे हम जाया कैसे जाने देते? हमने राज्य के कोने-कोने में यात्रा निकाली और उसी के फलस्वरूप लोगों का हमें आशीर्वाद मिला। सरकार में रहते हुए पिछली बार सरकार गिराओ जैसा अभियान हमारे विरोधियों द्वारा चलता रहा, संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग होता रहा। लेकिन हम लोगों ने भी मोर्चा संभाल रखा था।

उन्होंने कहा कि 2024 में झारखण्ड की जनता ने भरपूर प्यार देकर हमें पुनः सत्ता में लाने का काम किया। इतिहास में कभी इतना बड़ा आशीर्वाद किसी सरकार को झारखण्ड की जनता ने नहीं दिया था। आप देखेंगे उसके साथ-साथ हमने योजनाओं को लाने का भी काम किया, जिन अंग्रेजो ने हमारे पूर्वजों पर अत्याचार किया था, आज हमारा युवा उनके साथ शिक्षा ले रहा है। आज आप असम में स्थिति देख लीजिए, यहां रहते हुए भी आदिवासियों को अपने हक-अधिकार, अपनी मान्यता के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इस देश का चाय का उद्योग आदिवासियों के खून-पसीने से चलता है और यहां आदिवासी हाशिए पर हैं।

उन्होंने कहा कि यहां सत्ता में बैठे लोग नहीं चाहते थे कि शोषित और वंचित समाज मजबूत हो। हमको पता चला है कि आपके इस कार्यक्रम को असफल करने के लिए इनके मंत्रियों का भी दौरा चल रहा है। असम की सरकार से कहना चाहते हैं कि आदिवासी समाज बहुत स्वाभिमानी समाज है, अगर आपने आदिवासी समाज को मजबूर किया तो हम भी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की संतान हैं। अगर जरूरत पड़ेगी तो असम के आदिवासी समाज को मदद करने के लिए झारखण्ड से पूरा समाज यहां आ जायेगा।

हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी योजना को कॉपी हमारे विपक्ष के लोग करते हैं। जैसे चुनाव आता है, थोड़ा पैसा भेज देते हैं और जैसे ही चुनाव खत्म इनकी योजना भी खत्म हो जाती है। जो देश और असम में सत्ता में हैं यह लोग राजनीतिक नहीं, व्यापारी लोग हैं। जो सिर्फ लेना जानते हैं, कुछ देना नहीं।

उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि हम लोग एकजुट रहें। हम लोग ऐसे पुरुखों, राह दिखाने वालों के सिपाही हैं जिस राह में मंजिल है, ठहराव है और सुरक्षा है। हम लोग स्वाभिमान से रहने वाले लोग हैं, नजर से नजर मिलाकर चलने वाले लोग हैं। इन लोगों ने तो मुझे भी जेल में डाल दिया था। मैने इन्हें कहा था अगर मैं सामने आ गया तो इनके गले की हड्डी बन जाऊंगा। आज आपका यह, बेटा और भाई, दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक मंच- वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम में आदिवासी समाज का नेतृत्व कर रहा है। आज झारखण्ड में 56 लाख महिलाओं को 2500 रूपए महीना मिलता है, वह अपने पैरों पर खड़े होकर अपना और अपने परिवार का भविष्य संवार रही हैं। पिछले 2 साल से हर महीने लाखों माताओं-बहनों को यह राशि भेजी जा रही है।

उन्होंने कहा कि आप लोगों की बहुत बड़ी संख्या है यहां असम में। असम में सत्ता में रह रहे इन लोगों ने फूट डालो राज करो के चलते यहां आदिवासी, एसटी, टी ट्राइब्स, आदि कर आपको बांट रखा है। अब आपके यहां भी चुनाव आने वाले हैं, सभी को एकजुट रहना होगा। आज हमें आपके बीच आने का मौका मिला है। आप सभी की तकलीफ को खत्म करने की हम कोशिश करेंगे, इसके लिए मेहनत भी करना होगा। आदरणीय दिशोम गुरुजी भी आपके संघर्षों को दूर करने यहां आपके पास आते थे। मैं भी आप लोगों के साथ संपर्क में रहूंगा।

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