सरयू राय ने मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त को पत्र लिख पूछा -पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के खासमखास बबुआ झा के विरुद्ध अब तक दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त को कड़ा पत्र लिखकर साफ-सफाई कार्य में हीलाहवाली करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। मीडिया को जारी पत्र में सरयू राय ने लिखा है कि मानगो के आजाद नगर में निगम द्वारा सफ़ाई के लिए नियुक्त ठेकेदार बबुआ झा एवं इनके सहकर्मी जानबूझकर ठीक से सफ़ाई नहीं कर रहे हैं और निर्धारित संख्या से काफ़ी कम मज़दूर सफ़ाई कार्य में लगाकर निगम की निधि का दुरूपयोग कर रहे हैं।
ये लोग नागरिकों को बदबूदार गंदगी झेलने पर विवश कर रहे हैं। इसके लिये इनके विरुद्ध कड़ी कारवाई किया जाय और इन्हें/इनकी फर्म को काली सूची में डाला जाए। सरयू राय ने लिखा कि मानगो के आज़ाद नगर इलाक़े में फैले कचरा के ढेर के लिए इस इलाके का सफ़ाई ठेकेदार बबुआ झा हैं। इन्हें ही मानगो नगर निगम ने सफ़ाई के लिए नियुक्त किया है। बबुआ झा मेयर पति होने की अभिलाषा पाले हुए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के खासमखास हैं।
इस पूरे इलाक़े में सफ़ाई कार्य का औचक निरीक्षण उन्होंने (सरयू राय ने) एक माह पूर्व मानगो नगर निगम के सुपरवाइज़रों की उपस्थिति में किया था। तब 50 की जगह मात्र 15 सफ़ाईकर्मी पाए गए थे और उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति भी उठाई थी। लेकिन इस ठेकेदार पर कोई दंडात्मक कारवाई नहीं हुई। आज के एक अखबार में छपी तस्वीर बताती है कि इस ठेकेदार का रवैया अब भी पहले जैसा ही है। काम में कोताही करने इन पर कारवाई अवश्य होनी चाहिए।
सरयू राय ने पत्र में लिखा है कि कदमा में गंदगी की ऐसी ही तस्वीर लेकर दो दिन पहले इन्होंने उन पर (सरयू राय पर) आरोप लगाया था कि इस इलाक़े के सफ़ाई ठेकेदार जदयू के नेता हैं जिन्हें उनका (सरयू राय का) संरक्षण प्राप्त है जबकि यह ठेकेदार श्री राय के जदयू में शामिल होने के 6 साल से पहले से झारखंड जदयू के प्रदेश महामंत्री हैं। जब बन्ना गुप्ता मंत्री थे, उसी समय इन्होंने साकची बस स्टैंड स्थित जेएनएसी के होटल को चलाने का काम लिया जो अभी भी इनके पास है। उन्हें यह काम कैसे मिला, इसे आप बेहतर जानते-समझते हैं।
श्री राय ने लिखा हैः इस ठेकेदार को जब मेरे विधानसभा क्षेत्र में सफ़ाई का काम मिला तब मैंने इन्हें चेताया था और आपको (उप नगर आयुक्त) भी बताया कि इनके काम में कमी होने पर कार्रवाई होगी। जदयू नेता होने के कारण इनके साथ कोई मुरव्वत नहीं होनी चाहिए। इसके बाद एक दिन ये मेरे पास आए और कहा कि बन्ना गुप्ता मुझसे 12 मज़दूर अपने लिए मांग रहे हैं और कह रहे हैं कि जुस्को और जेएनएसी दोनों ही उन्हें पहले से सफ़ाई के नाम पर मजदूर देते रहे हैं। उन्होंने बन्ना गुप्ता को 12 मज़दूर दिया या नहीं यह तो मुझे नहीं पता, पर इतना जरूर पता है कि जब बन्ना गुप्ता विधायक एवं मंत्री थे, तब जुस्को द्वारा 30 मजदूर रोज़ाना इनके आवास के लिए आवंटित थे। जैसे ही बन्ना गुप्ता को हराकर मैं इस क्षेत्र से विधायक बना, जुस्को ने इन मज़दूरों को हटा लिया।
