अपनी बात

जिस BJP MLA  शशिभूषण मेहता ने अपने स्कूल में कभी भी सरस्वती पूजा नहीं होने दिया, जो ईसा मसीह के मिशन को पूरा करने की बात करता है, वो लेस्लीगंज के एक स्कूल में सरस्वती पूजा कराने के लिए बवाल कर रहा था

जिस पांकी के भाजपा विधायक डा. शशि भूषण मेहता ने खुद के रांची स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में कभी भी सरस्वती पूजा होने नहीं दी। वो लेस्लीगंज बाजार स्थित राजकीय मध्य विद्यालय पहुंचकर सरस्वती पूजा कराने के लिए आंदोलन करे और इसे परंपरा और आस्था से जोड़कर, विद्यार्थियों के संस्कार और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े होने की बात करते हुए सरस्वती पूजा को परम्परा से जोड़कर, उक्त विद्यालय में सरस्वती पूजा न होने पर इसे निंदनीय बता दें, तो ऐसे भाजपा विधायक को आप किस श्रेणी में रखेंगे। ये मैं जनता पर ही छोड़ता हूं।

जरा देखिये, 23 जनवरी, जिस दिन वसन्त पंचमी था। सरस्वती पूजा था। इस भाजपा विधायक ने क्या किया है? इसने अपनी हरकतों को कई फोटो के साथ सोशल साइट फेसबुक पर चेपते हुए क्या-क्या लिखा है?

“विद्यालय में सरस्वती पूजा नहीं होने से नाराज़ होकर आज लेस्लीगंज बाजार स्थित राजकीय मध्य विद्यालय पहुँचा और धरना दिया। वर्ष 1872 से चली आ रही माँ सरस्वती की पूजा परंपरा को इस वर्ष प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा रोके जाने की सूचना मिलते ही मैं विद्यालय पहुँचा। यह परंपरा न केवल आस्था का विषय है, बल्कि विद्यार्थियों के संस्कार और सांस्कृतिक चेतना से भी जुड़ी हुई है। ऐसी परंपरा को तोड़ना अत्यंत निंदनीय है।

विद्यालय के मुख्य द्वार पर धरने के दौरान शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। तत्पश्चात वहीं माँ सरस्वती की तस्वीर स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण एवं भजन-कीर्तन किया गया। विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन में हुई अनियमितताओं पर भी सवाल उठाते हुए बीईओ को समिति एवं संयोजक को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया।

मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि शिक्षा की देवी माँ सरस्वती की पूजा में विघ्न डालना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। विद्यार्थियों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से दूर करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इस अवसर पर जिला प्रतिनिधि सह मंडल अध्यक्ष प्रकाश मेहता, विधायक प्रतिनिधि सुनील कुशवाहा, चैंबर अध्यक्ष व विधायक प्रतिनिधि छोटेलाल सोनी, मुखिया संघ अध्यक्ष मंदीप मेहता, सुशील दुबे, दिलीप गोस्वामी, सुधीर तिवारी, आनंद कुमार, संतोष शुक्ला, मोहन कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।”

अब सवाल उठता है कि भाजपा विधायक डा. शशिभूषण मेहता खुद मानते है कि शिक्षा की देवी मां सरस्वती है। विद्यार्थियों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से दूर करने का प्रयास वे बर्दाश्त नहीं करने की बात कर रहे हैं। तो भाई, वे अपने खुद के विद्यालय रांची के ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में शिक्षा की देवी की आराधना क्यों अब तक नहीं करवाये? वे अभी भी अपने विद्यालय में पढ़नेवाले हजारों छात्रों को सांस्कृतिक जड़ से दूर करने का प्रयास क्यों जारी रखे हुए हैं? क्या डा. शशिभूषण मेहता को भाजपावालों ने लाइसेंस दिया है कि वे अपने विद्यालय में बच्चों को सांस्कृतिक जड़ों से काटकर रखें। अरे दूसरों के लिए ज्ञान और अपने लिए यहीं ज्ञान कहां चली जाती है।

आश्चर्य यह भी है कि इसके स्कूल के वेबसाइट पर जाइये तो ये खुद ताल ठोककर कह रहा है कि वह ईसा मसीह के मिशन को पूरा करके ईश्वर की महिमा का बखान करता है। यानी इसके स्कूल में ईसा मसीह का मिशन पूरा करने/कराने का प्रयास चल रहा है और जहां से यह विधायक है, वहां वो सरस्वती पूजा और हिन्दू धर्म की बात करते हुए सांस्कृतिक जड़ को मजबूत करने की बात करता है। यही नहीं माथे पर त्रिपुंड लगाकर व गेरुआ वस्त्र पहनकर सभी को भरमाने का प्रयास करता है। यानी अपने स्कूल में ईसा मसीह के माध्यम से शिक्षा और प्रेम की बात और अपने विधानसभा में हिंदुत्व की बात, शायद इसी को दोहरा चरित्र भी कहते हैं।

विद्रोही24 ने यहां पढ़नेवाले कई स्कूली छात्र-छात्राओं से बात की, तो उन्होंने यह बताया कि उनके स्कूल में कभी भी सरस्वती पूजा नहीं होती। ज्यादातर तो बच्चे अपने स्कूल को मिशनरी से चलनेवाली संस्था मानते हैं, जो सफेद झूठ है। एक शिक्षिका से विद्रोही24 ने जब बात की, तो उन्होंने बताया कि वो पिछले कई वर्षों से इस विद्यालय में सेवा दे रही हैं, लेकिन कभी सरस्वती पूजा यहां मनते नहीं देखा। ऐसे में दुख तो होता ही है। वो भी उस विद्यालय में, जिसका सर्वेसर्वा वो विधायक है, जो भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता है, जो हरदम आजकल गेरुआ वस्त्र और त्रिपुंड लगाकर स्वयं को हिन्दूओं का सबसे बड़ा रहनुमा सिद्ध करने में लगा है।

आज भी इस ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के वेबसाइट पर आप जाइये, तो इसके वेबसाइट पर पांकी के भाजपा विधायक डा. शशिभूषण मेहता का माथे पर लगा हुआ चंदन लगा फोटो दिख जायेगा। जहां ये स्वयं को विद्यालय का चेयरमेन घोषित कर रखा है। हांलाकि पूछनेवाले तो ये भी पूछ रहे है कि भाजपा का विधायक और स्कूल का नाम ऑक्सफोर्ड कुछ जम नहीं रहा। ये सवाल इसलिए, क्योंकि इन्हीं के लोग उनलोगों से ज्यादा सवाल पूछते हैं, जो एक विशेष समुदाय से जुड़े हैं और हिन्दूओं के नाम पर संस्थान खोल रखे हैं। तब ऐसे समय में, डा. शशिभूषण मेहता से ये सवाल क्यों न पूछे जाये?

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