सुप्रियो का बयान, भाजपा ने खुद ठाना है कि उसे रसातल में रहना है, ऐसे में झारखण्ड के सुखद दिन आने तय, आदित्य साहू का भी वहीं हश्र होगा, जो आज बाबूलाल मरांडी का हो रहा
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन दावोस पहुंच चुके हैं। झारखण्ड ने बहुत कुछ खोया है, अब वक्त आ गया है कि अपना राज्य खुद के पैरों पर खड़े होकर, अपने लक्ष्य के साथ-साथ खुद को विश्व पटल पर रखें। हमारे पास खनिज संपदा, मानव संपदा, वन संपदा तो हैं ही। साथ ही सुंदर वादियां, अभयारण्य, विश्व की प्राचीनतम सभ्यता मेगालीथ जिस पर हमारी राजधानी बसी हैं, वो भी पूर्व पाषाणकाल से, उसको वे दुनिया के सामने रखेंगे।
सुप्रियो ने कहा कि दावोस का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब स्थितियां स्पष्ट होगी। तो झारखण्ड नये ऊर्जा के साथ 2050 तक खुद को मजबूत स्थिति में खड़ा कर लेगा। क्योंकि जो शक्तियां इस राज्य को कमजोर करने में लगी थी। वो आज इतना कमजोर हो गई है कि अब राज्य धीरे-धीरे खुद आगे बढ़ने लगा है।
सुप्रियो ने कहा कि हाल ही के दिनों में देखा गया कि राज्य का प्रमुख विपक्षी दल का सांगठनिक चुनाव था और जब नये अध्यक्ष का चुनाव हुआ या यों कहें कि मनोनयन हुआ। तब उस मंच से एक वरिष्ठतम विधायक ने पूर्व अध्यक्ष पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कुतुबमीनार वाला आया राम, गया राम कहे। एक पूर्व मुख्यमंत्री ने तो कहा कि अब संगठन रसातल में चला जायेगा। ऐसे में इन टिप्पणियों से ही समझा जा सकता है कि उक्त दल की वर्तमान में क्या स्थिति है?
सुप्रियो ने कहा कि भाजपा की वर्तमान स्थिति को देखकर लगता है कि झारखण्ड के सुखद दिन आनेवाले हैं। क्योंकि भाजपा ने ही ठाना है कि उन्हें रसातल में रहना है। उन्होंने यह भी कहा कि नये अध्यक्ष को हम सचेत करना चाहेंगे कि 28 के बाद उनके साथ भी वहीं हश्र होना है, जो आज नेता प्रतिपक्ष के साथ हो रहा है।
