लोक भवन में 12 जनवरी को होनेवाले रक्तदान महायज्ञ की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के निदेश पर दिनांक 12 जनवरी, 2026 को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर लोक भवन, राँची स्थित बिरसा मंडप में झारखण्ड रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘रक्तदान महायज्ञ’ की तैयारियों की समीक्षा बैठक आज लोक भवन में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ० नितिन कुलकर्णी ने कहा कि इस ‘रक्तदान महायज्ञ’ को सफल बनाने के लिए झारखण्ड रेड क्रॉस सोसाइटी विश्वविद्यालयों, अस्पतालों एवं अन्य संबंधित संस्थानों से समन्वय स्थापित कर पूर्ण सक्रियता के साथ कार्य करें, ताकि यह आयोजन प्रभावी एवं यादगार बन सके।
बैठक में कहा गया कि यह ‘रक्तदान महायज्ञ’ पूर्वाह्न 09 बजे से संध्या 05 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर यह कहा गया कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे एक साथ कम से कम 20 लोग रक्तदान कर सकें। इसके अतिरिक्त, लोक भवन के एम्बुलेंस के अतिरिक्त दो अन्य एम्बुलेंसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा।
अपर मुख्य सचिव महोदय ने प्रत्येक विश्वविद्यालय को इस आयोजन के लिए एक समन्वयक नियुक्त करने का निदेश दिया, ताकि रक्तदान करने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, कम से कम 20 स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की बिरसा मंडप में तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आयोजन स्थल पर दो सेल्फी पॉइंट बनाए जाने तथा यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि रक्तदान करने वाले को आने-जाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
उन्होंने रक्तदान के लिए टाइम स्लॉट निर्धारित करने की भी बात कही, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। बैठक में विश्वविद्यालयों से आह्वान किया गया कि वे इस ‘रक्तदान महायज्ञ’ को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। साथ ही यह भी बताया गया कि इस आयोजन की सफलता के पश्चात विश्वविद्यालय स्तर पर भी रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।
उक्त अवसर पर विशेष सचिव, राज्यपाल सचिवालय ए०के० सत्यजीत, उप सचिव, राज्यपाल सचिवालय सागर कुमार, कुलपति, झारखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राँची सहित अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य शल्य चिकित्सा पदाधिकारी, रांची, रिम्स के प्रतिनिधिगण, ब्लड बैंक के प्रतिनिधिगण तथा झारखण्ड रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्यगण उपस्थित थे।
