यौन शोषण के आरोप में वरिष्ठ पत्रकार एवं EX-CM बाबू लाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी गिरफ्तार, भाजपा नेताओं ने कहा राजनीतिक विद्वेष के शिकार बने सुनील

बहुचर्चित-बहुप्रतीक्षित एक मामले में झारखण्ड के भारी भरकम पत्रकार एवं राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार

Read more

धनबाद में सिर्फ एक ही चौपाई चलेगा – “होइहि सोइ जो ‘पशुपति’ रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा।।”

हे धनबाद के कार्यकर्ताओं/समर्थकों, कोयलांचल में वहीं होगा, जो सांसद पशुपति नाथ सिंह चाहेंगे, तुम्हारे चिल्लाने या तुम्हारे किसी भी प्रकार के नारे लगाने से नहीं होगा, क्योंकि अब राज्य में रघुवर दास की सरकार नहीं हैं, और न ही भाजपा का कोई ऐसा नेता वर्तमान में शीर्षस्थ हैं, जो पशुपति नाथ सिंह को कम से कम कोयलाचंल में चुनौती दे दें। जो एक दो कोई सिर उठाने की कोशिश भी करेंगे तो उससे क्या होगा? अंततः फिर वे सिर पशुपति के आगे ही झूंकेंगे।

Read more

रघुवर जबहिं “संजय कुमार” त्यागा। भयउ बिभव बिनु तबहिं अभागा।।

श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड में एक बहुत ही सुंदर चौपाई है, जो बताता है कि अहंकारी रावण का अंत कब सुनिश्चित हुआ? चौपाई है – रावन जबहिं बिभीषण त्यागा। भयउ बिभव बिनु तबहिं अभागा।। अर्थात् रावण ने जिस दिन बिभीषण (धर्म) का त्याग किया, उसी दिन वह भाग्यहीन हो गया और यह भी सुनिश्चित हो गया कि रावण का अंत सुनिश्चित है।

Read more

क्योंकि उस वक्त आप थोड़ा वक्त की भीख मांगेंगे, और वक्त के पास आपको देने के लिए वक्त नहीं होगा

जो आप चाहते हो, ईश्वर उसे खुलकर देता है, वो कोई कटौती नहीं करता, बस ये आपके उपर निर्भर करता है कि आपने ईश्वर से मांगा क्या? मैं 53 वर्ष में प्रवेश कर चुका हूं, इस दौरान जीवन-पथ पर अनेक लोग मिले, जिनसे मैंने सीखा और जो लोग मुझसे सीखना चाहे, उन्हें निस्वार्थ भाव से सिखाया, और मन में कोई लालसा भी नहीं रही कि जिन्हें मैंने सिखाया, उनसे कुछ प्राप्त हो, या वे मुझे सम्मान दें। 

Read more

रांची प्रेस क्लब ने जिसे एक साल के लिए प्रेस क्लब से निलंबित किया, उपायुक्त ने उसे माथे बिठा लिया

लोकसभा चुनाव में पेड न्यूज पर नजर रखने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राय महिमापत रे ने एक मीडिया सर्टिफिकेशन ऑफ मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया हैं। इस कमेटी में एक ऐसे व्यक्ति को भी रखा गया है, जो रांची प्रेस क्लब से एक साल के लिए निलंबित है। आश्चर्य की बात है कि ऐसे व्यक्ति जो, पत्रकारों की एक आदर्श संस्था रांची प्रेस क्लब से निलंबित हैं, उसे कमेटी में रख लिया गया,

Read more

बयानवीर CM केवल बोलना, श्रीरामचरितमानस की चौपाइयां गाना जानते है, उस पर अमल करना नहीं जानते

याद करिये, दो साल पहले रांची के विभिन्न चौक-चौराहों पर बड़े-बड़े बैनर-पोस्टर लगे थे, जिसमें हुनरमंद मुख्यमंत्री रघुवर दास के बड़े-बड़े फोटो लगे थे, और उस पर श्रीरामचरितमानस की बहुत ही खुबसूरत चौपाइयां लिखी थी, उसके बोल थे – रघुकुल रीति सदा चलि आई, प्राण जाय पर बचन न जाई, यानी ये कहकर वे अपने विरोधियों को खुली चुनौती दे रहे थे, देखो मैं जो कहता हूं, वहीं करता हूं, पर सच्चाई क्या है?

Read more

भगवान श्रीराम की नजरों में आपकी छठिमइया व भगवान भास्कर के प्रति भक्ति कितने नंबर पर हैं?

इन दिनों अखबारों में छठ पर बहुत सारे आर्टिकल दिखाई पड़ रहे हैं, ख्याति प्राप्त साहित्यकारों, पत्रकारों, भाजपा से जुड़े राजनीतिक दलों के नेताओं व राज्यपालों तक के आर्टिकल पढ़ने को मिल रहे है, कई चैनलों/अखबारों/पोर्टलों में तो अब ये भी पढ़ने को मिल रहे है कि छठ कैसे करें? छठ कैसे किया जाता है? छठ करने में किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है? छठ में क्या-क्या वर्जित है?

Read more

बाल मंडली की दुर्गापूजा यानी दुर्गापाठ और मानसपाठ के माध्यम से अध्यात्म की ओर प्रथम प्रवेश

भाई वो हमलोगों का जमाना था, जब टमटम की जगह छोटी-छोटी टैक्सियां ले रही थी, बैलगाड़ियों की जगह करीब-करीब ट्रैक्टर और ट्रक ने ले लिए थे। खेतों से रेहट, लाठा-कुड़ी, नहरों से करींग एक तरह से गायब होने के कगार पर थे, और उनकी जगह पर पम्पिंग सेट ने ले लिये थे। उस वक्त न तो किसी के घर में टीवी था और न ही मोबाइल फोन, ले-देकर हमारे मुहल्ले में दो ही के घर में फोन थे, एक नन्दा साव और दूसरे राजेन्द्र प्रसाद के पास।

Read more

नवरात्र मनाएं, पर अखबार पढ़कर या चैनल देखकर नहीं…

नवरात्र आज से प्रारंभ हो गया। जो महाशक्ति को मानते हैं, जिनकी वो आराध्य हैं। उनसे प्रार्थना है कि वे कृपया अखबार पढ़कर या चैनल देखकर नवरात्र न मनाएं, क्योंकि आजकल के अखबारों और चैनलों में ज्यादातर लम्पटों की आर्टिकल अथवा प्रवचन कब्जा जमा चुकी है, जिससे आपकी नवरात्र में आध्यात्मिकता की पुट कम और बाह्याडंबर और पाखंड का जमावड़ा ज्यादा हो जा रहा हैं, जिससे आपकी भक्ति प्रभावित हो जा रही हैं।

Read more

मेरी दक्षिण भारत यात्रा

मेरे बड़े बेटे को घुमने का बहुत शौक है, वह कई सालों से दबाव डाल रहा था कि पापा जी कहीं घुमने निकला जाय। संयोग से ईश्वरीय कृपा हो गईं, माहौल अनुकूल हुआ और हम सपरिवार दक्षिण भारत की यात्रा पर निकल पड़े। 3 सितम्बर 2017 को हम सपरिवार 18616 हटिया हावड़ा क्रियायोग एक्सप्रेस से हावड़ा के लिए निकल पड़े। रांची से हावड़ा यात्रा के दौरान हमें कहीं टीटीई दिखाई नहीं पड़ा,

Read more