दीपक प्रकाश द्वारा राज्यसभा में पेश अनिवार्य मतदान विधेयक, 2022 पर राष्ट्रपति ने की विचार करने की सिफारिश

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश के द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए अनिवार्य मतदान विधेयक, 2022

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हरिवंश के लिए अग्नि-परीक्षा, उपसभापति पद छोड़ेंगे या बने रहेंगे, चरित्र-शुचिता की इस राजनीतिक परीक्षा में क्या सफल होंगे हरिवंश?

जदयू अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा है कि हरिवंश ने उन्हें बताया है कि वह नीतीश

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जातीय प्रेम के आधार पर आदित्य साहू को टिकट और फिर उसे साधारण कार्यकर्ता बताकर वाहवाही, ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो भाजपाइयों

भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू को राज्यसभा का टिकट मिलना और इसे भाजपा के साधारण कार्यकर्ता को टिकट मिलने

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद दीपक प्रकाश ने डीएसपी प्रमोद मिश्र के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज कराया

आज नई दिल्ली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम राज्य सभा सदस्य दीपक प्रकाश ने राज्यसभा के सभापति एवम भारत के

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मृत पत्रकारों की जिम्मेवारी पहले मीडिया संस्थान लें, CM मीडिया हाउसों को मिलनेवाले सरकारी विज्ञापनों पर पत्रकारों के कल्याण के लिए दस प्रतिशत सेस लगाये, जो सिर्फ लाचार पत्रकारों पर खर्च हो।

इसमें कोई दो मत नहीं, कि आप में वो जज्बा है, कि आप बहुत कुछ कर सकते हैं, करना चाहते हैं, पर सच्चाई यह भी है कि जब भी आप कुछ बेहतर करना चाहते हैं, कोरोना नामक बिमारी उन बेहतर कार्यों पर ब्रेक लगा दे रही हैं। कोरोना की पहली लहर बीत जाने के बाद लगा था कि अब झारखण्ड तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा, लेकिन कोरोना की दुसरी लहर ने फिर से विकास की गति पर ब्रेक लगा दी और फिर आप कोरोना को रोकने में ही सारी ऊर्जा लगा दी।

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जरा दिमाग पर जोर डालियेगा, बंगाल में भाजपा हारी नहीं, बल्कि दुसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, अब वह बंगाल से भी राज्यसभा में अपने उम्मीदवार भेजेगी

क्या सचमुच बंगाल में भाजपा हार गई? क्या बंगाल में इसके पूर्व भाजपा का शासन था? क्या बंगाल में भाजपा जिस प्रकार से चुनाव लड़ी, उस प्रकार से उसे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए था? क्या उसे कांग्रेस और वामपंथियों की तरह बंगाल में चुनाव लड़कर ममता बनर्जी का हाथ मजबूत करना चाहिए था? क्या केवल भाजपा के नेताओं ने बोलने की मर्यादा तोड़ी? क्या इस बार जो पांच राज्यों में चुनाव हुए, उन पांच राज्यों में भाजपा को लोगों ने ठुकरा दिया?

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अडानी-अंबानी की गोद में बैठनेवाले भाजपा सांसद बताए , कहां गई दत्तोपंत ठेंगरी व संघ के आदर्श – झामुमो

लोकसभा एवं राज्यसभा में बैठे भाजपा के सांसद बताए, कहां गई दत्तोपंत ठेंगरी के द्वारा बनाये गये भारतीय मजदूर संघ के आदर्श, कहां गई संघ की वो विचारधारा, आज तो भाजपा के ही लोग अडानी और अंबानी की गोद में बैठकर कारपोरेट जगत को मजबूत करने में लगे हैं, अगर थोड़ा सा भी इनमें इन दोनों के प्रति संवेदना है तो तत्काल सदन से इस्तीफा दें। ये कहना है झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के।

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याद रखिये प्रधानमंत्री जी, बिहार हरिवंश की चतुराई या राजनीति का नाम नहीं है, बिहार गुजरात भी नहीं है, बिहार, बिहार है

हरिवंश उर्फ हरिवंश नारायण सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भारत के उपराष्ट्रपति, सभापति राज्यसभा, वैंकेया नायडू को आज एक पत्र लिखा है, पत्र तीन पृष्ठों का है। यह पत्र भाजपा के फेसबुक पर भी डाला हुआ है। पत्र वायरल भी है। यह पत्र किसने वायरल किया। भगवान मालिक है। पीएम मोदी इस पत्र को पढ़कर अपने विचार भी दे डाले हैं, लेकिन देश में बहुत सारे ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने सदन ठीक से नहीं चलाने को लेकर हरिवंश को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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आत्मनिरीक्षण तो विपक्ष के साथ-साथ उप-सभापति हरिवंश को भी करना चाहिए वैंकेया जी, कि क्या वे किसानों की बद्दुआ झेल पायेंगे?

राज्यसभा में हुई कल की घटना को लेकर राज्यसभा के सभापति एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता वैकेया नायडू कुछ भी फैसला सुना दें, पर उनके फैसले ने कृषि विषयक मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उनके मंत्रिमंडल में शामिल सभी मंत्रियों-नेताओं, यहां तक की उपसभापति के मन में चल रही मोदी भक्ति को भी उजागर कर दिया है, साथ ही यह भी सिद्ध कर दिया कि हरिवंश की नजर उपसभापति से भी बड़े एवं उपर के पद पर है और वे वहां तक किसी भी तरीके से पहुंचने के लिए बड़ी ही सावधानी से कदम बढ़ा रहे हैं।

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PM मोदी सर्वदलीय बैठक में सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहे थे, उसी समय रांची में भाजपा के बडे़ नेता इसका धज्जियां उड़ा रहे थे

राज्यसभा का चुनाव कोई जीते, सवाल तो सिर्फ यह है कि इससे झारखण्ड को क्या मिल जायेगा? सवाल तो यह भी है कि इस बात की जानकारी तो सत्तापक्ष और विपक्ष में शामिल सभी विधायकों व उनसे जुड़े नेताओं को पता था कि जिस प्रकार की स्थितियां व परिस्थितियां हैं, झामुमो अपनी सीट आराम से निकाल लेगी और रही बात भाजपा की तो उसे बाकी मतों को अपनी ओर आकर्षित करने में ज्यादा दिमाग लगाना नहीं पड़ेगा, क्योंकि निर्दलीय सरयू राय जब देंगे तो भाजपा को ही अपना मत देंगे।

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