क्या आपने चीन या नेपाल की वामपंथी सरकार की गुंडई के खिलाफ किसी भारतीय वामपंथी नेता के बयान सुने हैं?

चीन की गुंडई और उसकी अमानवीय हरकतों से विश्व के कई देश परेशान है। हांगकांग की जनता तो सड़कों पर आकर चीन की गुंडई का विरोध कर रही हैं। ताइवान, वियतनाम, जापान जैसे देश चीन की साम्राज्यवादी हरकतों से परेशान है। गरीब देशों को उन्हें कर्ज में डूबो देना और फिर उनकी प्रमुख संस्थाओं को अपने कब्जे में कर लेना, चीन की आदतों में शूमार है। तिब्बत को हड़प लेना और उसकी संस्कृति को पूरी तरह नष्ट करने की तरकीब को सारी दुनिया ने देख रखा है।

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सीपी ने राहुल को पप्पू बोला, बमके कांग्रेसी, सदन में किया हंगामा, क्या पप्पू शब्द सचमुच असंसदीय है?

क्या सचमुच पप्पू का मतलब गाली होता है? अगर पप्पू का मतलब गाली होता है तो कई भारतीय अपने बच्चों का नाम पप्पू क्यों रखते हैं? आखिर कई हिन्दी फिल्मों में बच्चों का नाम पप्पू क्यों है? अगर कोई व्यक्ति पप्पू बोलता है और आप चिढ़ जाते हैं तो इसमें गलती किसकी है? भाई कहा जाता है कि आप जितना चिढ़ेंगे, उतना लोग चिढ़ायेंगे, आप चिढ़ना बंद कर दीजिये, मामला ही शांत, पर आप को चिढ़ना-चिढ़ाना ही अच्छा लगता है

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लजायल बिलइया खंभा नोचे की जगह अब बोलिये, बेशर्म पाकिस्तानी मंत्री मोदी गरियाये

भारत में एक लोकोक्ति खूब प्रचलित है, लजायल बिलइया खंभा नोचे, इस लोकोक्ति का अर्थ हैं, जब कोई व्यक्ति किसी चीज को पाने में जी-जान लगा देता हैं और जब उसे उस चीज में सफलता नहीं मिलती, तो वह दूसरे चीजों को भला-बुरा कहना शुरु कर देता है, ठीक यहीं हालत पाकिस्तानी मंत्रियों व नेताओं की हैं और अपने यहां कुछ भारतीय नेताओं या उनके समर्थकों की, जिन्हें केवल मौका मिलना चाहिए, और वे शुरु हो जायेंगे, मोदी को भला-बुरा कहने को।

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चुनाव के शोर में दब गई जालियांवाला बाग के उन सैकड़ों शहीदों की चीखें, भूल गये भारतीय उन्हें याद करना

आज जालियांवाला बाग हत्याकांड के पूरे 100 साल हो गये, आज ही के दिन जनरल डायर ने सैकड़ों निहत्थे लोगों को घेरकर मौत के घाट उतार दिया था। यह ब्रिटिश शासन की क्रूरता और दमन की पराकाष्ठा थी, यहीं जालियावालां बाग  हत्याकांड है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम की दिशा ही बदल दी, अनगिनत युवा क्रांतिकारियों के हृदय में ब्रिटिश शासन के खिलाफ ऐसी नफरत की बीज बो दी,

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अरे भाइयों, इन चालाक लोगों के लिए क्यों आंसू बहाते हो, अगर आंसू बहाना ही हैं तो…

अरे इनके लिए क्यों रोते हो, क्यों आंसू बहाते हो, इतना दर्द क्यों छलकाते हो, अगर तुम इनके लिए नहीं भी रोओगे, नहीं आंसू बहाओगे या दर्द नहीं छलकाओगे तो ऐसा नहीं कि देश बर्बाद हो जायेगा या ये बर्बाद हो जायेंगे, ये तो आज एबीपी में हैं, कल उछलकर किसी दूसरे जगह चले जायेंगे, ये जाते भी रहे हैं, ऐसा करते भी रहे हैं, इसलिए नहीं कि इन्हें देश से प्यार था,

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चीन को उसी की भाषा में जवाब देने की आवश्यकता

लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी के बाद देश में तीसरी बार कोई प्रधानमंत्री बना है, जिसका नाम है – नरेन्द्र मोदी। जिसने देश की सेना का मनोबल बढ़ाया और उस सेना ने भारत चीन और भूटान की सीमा डोका –ला में चीन द्वारा कराये जा रहे सड़क निर्माण का विरोध ही नहीं किया, बल्कि एक महीने से उस पर रोक लगा रखी है

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