दिल्ली से आई थी, ये हंस/बोल/दौड़ रही थी, मात्र 15 दिनों में ये मर कैसे गई? रघुवर सरकार जवाब दो?

25 सितम्बर को दिल्ली से रांची 16 वैसी बच्चियों को लाया गया था, जिन्हें किसी न किसी तरह काम के नाम पर वहां बेच दिया गया था। रांची जंक्शन पर आई ये बच्चियां बहुत खुश थी, क्योंकि वह अपने घर वापस लौट रही थी। इन्हीं में से एक थी गोड्डा जिले से पहाड़िया जन-जाति की 17 साल की एक आदिवासी बच्ची। उसने अपने उपर हुए अमानवीय अत्याचार की ऐसी दर्द भरी दास्तान सुनाई, कि स्टेशन पर खड़ें सभी लोगों के आंखों में आंसू आ गये।

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